विद्युत चुंबकीय प्रेरन
रिएक्टेंस का मात्रक होता है
(a) फैराडे
(b)म्हो
(c)ओम
(d)एम्पियर
Ans-(c)
हेनरी मात्रक है
(a)प्रेरकत्व का
(b)चुंबकीय फ्लक्स का
(c)चुंबकीय क्षेत्र का
(d)विधुत क्षेत्र का
Ans-(a)
एक वृताकार कुण्डली में तार के 500 फेरे है और उसकी 5 त्रिज्या सेमी है इस कुण्डली के स्व प्रेरकत्व का मान होगा
(a)50x10-1H
(b)50x10-1mH
(c)2.5x10-3mH
(d)25mH
Ans-(d)
प्रेरण कुण्डली एक यंत्र है जिसके द्वारा उत्पन्न होती है
(a) उच्च धारा
(b)उच्च वोल्टता
(c)अल्प धारा
(d)अल्प वोल्टता
Ans-(b)
प्रेरण कुण्डली का व्यवहार किया जाता है
(a)प्रतिरोध मापने के लिए
(b)विभवांतर मापने के लिए
(c)धारा मापने के लिए
(d) विसर्जन नलियों को चलाने के लिए
Ans-(d)
लेंज का नियम पालन करता है
(a)बॉयो सावर्त नियम का सिध्दांत
(b)संवेग संरक्षणता का सिध्दांत
(c)ऊर्जा संरक्षणता का सिध्दांत
(d)आवेग संरक्षणता का सिध्दांत
Ans-(c)
प्रेरकत्व L में बहने वाली i धारा के कारण गतिज ऊर्जा होती है
(a)0
(b)1/2 Li2
(c)1/2 iL2
(d)1/2 L2i2
Ans-(b)
l लम्बाई का एक चालक B तीव्रता के चुंबकीय क्षेत्र के समांतर v वेग से गतिमान है चालक में प्रेरित वि वा बल होगा
(a)lvB
(b)1/2 lvB
(c)0
(d)1/2 l2vB
Ans-(c)
यदि dA क्षेत्र पर डाला गया लम्ब चुंबकीय क्षेत्र B के साथ θ कोण बनाता है तब dA क्षेत्र पर चुंबकीय फ्लक्स होगा शून्य
(a)BdAcosθ
(b)B.dA.cosθ
(c)B.dA
(d)0
Ans-(a)
चुंबकीय फ्लक्स का मात्रक है
(a)वेबर
(b)वेबरxमीटर
(c)वेबर/मीटर2
(d) टेसला
Ans-(a)
यदि L तथा R क्रमशः प्रेरकत्व व् प्रतिरोध को व्यक्त करते है तो L/R की विमा होगी
(a)M0L0T-1
(b)M0LT
(c)M0L0T
(d)MLT-2
Ans-(c)
अन्योन्य प्रेरकत्व का मात्रक है
(a)वेबर
(b) ओम
(c)हेनरी
(d)गॉस
Ans-(c)
विधुत चुंबकीय प्रेरण की घटना के आविष्कारक थे
(a)लेंज
(b)फैराडे
(c)रुमाकर्फ
(d)फ्लेमिंग
Ans-(b)
लेन्ज का नियम किसके संरक्षण के सिध्दांत का परिणाम है
(a)आवेश
(b)धारा
(c)ऊर्जा
(d)संवेग
Ans-(c)
डायनेमो के कार्य का सिध्दांत आधारित है
(a)धारा के उष्मीय प्रभाव पर
(b)विधुत चुंबकीय प्रेरण पर
(c) प्रेरित चुंबकत्व पर
(d)प्रेरित विधुत पर
Ans-(b)
एक कुंडली से बध्द चुंबकीय फ्लक्स सेकंड में वेबर से वेबर कर दिया जाता है कुंडली में प्रेरित वि वा बल है
(a)9 वोल्ट
(b)10 वोल्ट
(c)0.9 वोल्ट
(d)0.09 वोल्ट
Ans-(a)
स्व प्रेरकत्व का S.I.मात्रक है
(a)कुलाम
(b)वोल्ट
(c)ओम
(d)हेनरी
Ans-(d)
एक आवेश 'q' विधुत क्षेत्र E तथा चुंबकीय क्षेत्र 'B'की संयुक्त उपस्थित में गतिमान हो तो उस पर लगने वाला बल होगा
(a)q(vxB)
(b)qE
(c)q{E+(vxB)}
(d)q{B+(vxB)}
Ans-(c)
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